इश्क़ का स्मार्ट सिटी में होना
ग्रीन हो गया सिग्नल । चलो भी अब.. . अरे हा। आज कल चेट में आपके नाम के सामने ग्रीन देखकर रुक जाने की आदत जो पड़ी है आज शाम ५ बजे रिवर फ्रंट पे मिलेंगे नहीं , वहा तो पीएम१० और कार्बन का स्तर बहुत ज्यादा है तो फिर कहा मिलंगे ? फेसबुक डॉट कॉम पे आप न मुझे सीसीटीवी कैमरा सी लगती है क्यों ? आज कल आप ही नजर आती है मुझे हर सड़क पर , हल गली में , हर मार्केट में मुझे तुम्हारी आँखों से शहर देखना है , गूगल ग्लास का रेसोलुशन मेरी आँखों से अच्छा है तुम्हारे और मेरे बीच भी उतना ही फासला है जितना की तुम्हारी हाइब्रिड इंजन वाली कार का प्रदुषण और मेरी बाइक का प्रदुषण आप जब स्टेटस अपडेट करती हो तो लगता है की जैसे शहर की इललीगल कॉलोनी स्मार्ट शहर बन गयी हो